E-Mapi Bihar : घर बैठे जमीन की मापी करवाएं, सरकारी अमीन बुक करें!

बिहार में जमीन से जुड़ी परेशानियां आम हैं—सीमांकन विवाद, हिस्सेदारी का झगड़ा या नक्शा सही न होना। लेकिन अब e-Mapi Bihar ने सब कुछ आसान कर दिया है! बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने e-Mapi Bihar पोर्टल लॉन्च किया है, जहां आप घर बैठे ऑनलाइन सरकारी अमीन बुक कर सकते हैं। दफ्तर के चक्कर लगाने, लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं। यह सेवा पारदर्शी, तेज और पूरी तरह डिजिटल है।

खास बात—2026 में भूमि मापी महाअभियान चल रहा है, जहां अविवादित जमीन की मापी 7-11 दिनों में हो जाती है। अगर आप सोलापुर या बिहार के किसी भी जिले में हैं, तो ई-मापी आपके लिए बड़ा राहत है।

e-Mapi Bihar क्या है और क्यों जरूरी?

ई-मापी (e-Mapi) एक ऑनलाइन पोर्टल है जो जमीन की सही मापी (demarcation) के लिए सरकारी अमीन बुक करने की सुविधा देता है। इससे विवाद कम होते हैं, प्रक्रिया पारदर्शी रहती है और समय बचता है। मुख्य उद्देश्य—लोगों को ऑफलाइन परेशानी से मुक्ति दिलाना।

उपलब्ध सेवाएं

पोर्टल पर ये मुख्य सेवाएं मिलती हैं:

  • मापी के लिए आवेदन (Apply for Mapi)
  • आवेदन की स्थिति चेक करें (Application Status)
  • अमीन की उपलब्धता देखें
  • शुल्क भुगतान और सत्यापन
  • मापी रिपोर्ट और प्रमाणपत्र डाउनलोड
  • अपील और अन्य सेवाएं

e-Mapi Bihar में आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

  1. आधिकारिक वेबसाइट emapi.bihar.gov.in पर जाएं।
  2. अगर नए यूजर हैं तो New User Registration करें—मोबाइल नंबर, नाम, पता आदि भरें। पुराने यूजर OTP से लॉगिन करें।
  3. लॉगिन के बाद Apply for Mapi चुनें।
  4. 8 आसान स्टेप्स फॉलो करें:
    • जिला और अंचल चुनें, जमाबंदी की उपलब्धता बताएं।
    • जमाबंदी विवरण भरें।
    • अपना पता और आवेदन की डिटेल्स दें।
    • जमीन की सीमा (खाता, खेसरा आदि) का विवरण।
    • अगर हिस्सेदार हैं तो उनका डिटेल।
    • कुछ सवालों के जवाब दें।
    • जरूरी दस्तावेज अपलोड करें (जमाबंदी, आधार आदि)।
    • डिक्लेरेशन देकर सबमिट करें।
  5. आवेदन सत्यापन के बाद शुल्क भुगतान करें और अमीन की उपलब्ध तारीख बुक करें।
  6. मापी होने के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन मिलेगी।

शुल्क कितना लगता है?

ग्रामीण इलाके में प्रति प्लॉट ₹500 और शहरी में ₹1,000 है। भूमिहीन लोगों (सरकार द्वारा दिए गए प्लॉट) के लिए फ्री। तत्काल सेवा के लिए ज्यादा शुल्क (रूरल ₹1,000, अर्बन ₹2,000) और 7 दिनों में काम।

फायदे क्या हैं?

  • घर से आवेदन, कोई दफ्तर नहीं।
  • पारदर्शी प्रक्रिया, विवाद कम।
  • तेज सर्विस—अभियान में 7-11 दिन।
  • ऑनलाइन स्टेटस और रिपोर्ट।

FAQs

e-Mapi Bihar का मुख्य उद्देश्य क्या है? ई-मापी का उद्देश्य जमीन मापी को पारदर्शी, तेज और ऑनलाइन बनाना है ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

ई-मापी के लिए शुल्क कितना है? ग्रामीण क्षेत्र में ₹500 प्रति प्लॉट और शहरी में ₹1,000। भूमिहीनों के लिए फ्री, तत्काल सेवा के लिए ज्यादा शुल्क।

मापी कौन करता है? सरकारी अधिकृत अमीन (Government Ameen) ही मापी करता है।

मापी रिपोर्ट कैसे मिलती है? मापी पूरी होने के बाद रिपोर्ट और प्रमाणपत्र पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हो जाता है, आप डाउनलोड कर सकते हैं।

ई-मापी पोर्टल का आधिकारिक लिंक क्या है? आधिकारिक पोर्टल है https://emapi.bihar.gov.in/।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल उपलब्ध सरकारी जानकारी, आधिकारिक पोर्टल और हालिया अपडेट्स पर आधारित है। शुल्क, प्रक्रिया या नियमों में बदलाव संभव है। सटीक जानकारी के लिए हमेशा emapi.bihar.gov.in या नजदीकी राजस्व कार्यालय से कन्फर्म करें।

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