बिहार में जमीन से जुड़ी गलती ठीक कराना पहले किसी पहेली से कम नहीं था। नाम गलत, खाता-खेसरा में त्रुटि, रकबा में गड़बड़ी—और फिर महीनों दफ्तर के चक्कर। इसी समस्या को आसान बनाने के लिए Bihar Parimarjan (परिमार्जन) व्यवस्था शुरू की गई। अगर आपके जमीन रिकॉर्ड में गलती है, तो यह प्रक्रिया उसे ठीक करने का आधिकारिक तरीका है।
इस लेख में हम समझेंगे कि बिहार परिमार्जन क्या है, कब और क्यों जरूरी होता है, आवेदन कैसे करें, और किन बातों का ध्यान रखें। जानकारी राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है।
परिमार्जन (Parimarjan) का मतलब क्या है?
“परिमार्जन” का सीधा अर्थ है—सुधार या संशोधन।
जमीन के संदर्भ में, जब जमाबंदी, खाता, खेसरा, रकबा या मालिक के नाम में कोई त्रुटि दिखती है, तो उसे ठीक करने की प्रक्रिया को Bihar Parimarjan कहते हैं।
राज्य में यह सुविधा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित की जाती है। इसका उद्देश्य डिजिटल रिकॉर्ड में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है।
स्रोत: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार (land.bihar.gov.in)
Bihar Parimarjan क्यों जरूरी है?
जमीन का रिकॉर्ड केवल कागज नहीं होता, यह कानूनी पहचान है। अगर रिकॉर्ड में गलती है, तो:
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जमीन बेचने या खरीदने में दिक्कत आती है
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बैंक से लोन लेने में समस्या होती है
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सरकारी योजनाओं का लाभ अटक सकता है
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भविष्य में विवाद खड़ा हो सकता है
यानी छोटी गलती भी बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए समय पर परिमार्जन कराना समझदारी है।
किन-किन मामलों में परिमार्जन किया जाता है?
Bihar Parimarjan आमतौर पर इन स्थितियों में किया जाता है:
1. नाम में गलती
मालिक का नाम गलत दर्ज हो गया हो या स्पेलिंग में त्रुटि हो।
2. रकबा (Area) में अंतर
जमीन का क्षेत्रफल रिकॉर्ड में गलत दिख रहा हो।
3. खाता/खेसरा संख्या में त्रुटि
डिजिटल रिकॉर्ड में गलत खाता या खेसरा जुड़ गया हो।
4. अन्य तकनीकी त्रुटियाँ
जैसे डेटा एंट्री के दौरान हुई गलती।
ध्यान दें, परिमार्जन केवल रिकॉर्ड की त्रुटि सुधार के लिए होता है। स्वामित्व विवाद या कोर्ट केस का समाधान इस प्रक्रिया से नहीं होता।
Bihar Parimarjan के लिए आवेदन कैसे करें?
बिहार सरकार ने इस प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है ताकि लोगों को दफ्तर के चक्कर न लगाने पड़ें।
Step 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन करें।
Step 2: परिमार्जन विकल्प चुनें
डैशबोर्ड पर “परिमार्जन” से संबंधित सेवा चुनें।
Step 3: विवरण भरें
जिला, अंचल, खाता संख्या, खेसरा संख्या आदि सही-सही दर्ज करें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
जैसे आधार, पहचान पत्र, और जमीन से संबंधित प्रमाण।
Step 5: आवेदन सबमिट करें
आवेदन संख्या नोट कर लें। आगे की स्थिति आप ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार ही आवेदन करें। गलत जानकारी देने पर आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।
परिमार्जन की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अंचल अधिकारी रिकॉर्ड की जांच करते हैं।
जरूरत पड़ने पर दस्तावेज सत्यापन होता है।
सत्यापन सही मिलने पर रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है।
पूरी प्रक्रिया विभागीय नियमों के अनुसार होती है। इसमें समय स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
क्या परिमार्जन के लिए कोई शुल्क लगता है?
सरकार समय-समय पर शुल्क संबंधी दिशा-निर्देश जारी करती है। सही और ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित अंचल कार्यालय से पुष्टि करें। अनुमान या अफवाह पर भरोसा न करें।
Bihar Parimarjan और Mutation में अंतर
कई लोग परिमार्जन और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को एक समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं।
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परिमार्जन: रिकॉर्ड की गलती सुधारना
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म्यूटेशन: स्वामित्व परिवर्तन दर्ज करना
अगर जमीन आपने खरीदी है, तो म्यूटेशन कराएं।
अगर रिकॉर्ड में गलती है, तो परिमार्जन कराएं।
सीधी भाषा में कहें तो—एक “सुधार” है, दूसरा “बदलाव”।
Bihar Parimarjan से जुड़े जरूरी सुझाव
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आवेदन से पहले अपने दस्तावेज मिलान कर लें।
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नाम और संख्या टाइप करते समय विशेष सावधानी रखें।
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आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
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केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें।
याद रखें, सही जानकारी ही आपका सबसे बड़ा हथियार है।
निष्कर्ष
Bihar Parimarjan (परिमार्जन) जमीन रिकॉर्ड की त्रुटि सुधारने की एक महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रिया है। यह डिजिटल युग में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करती है। अगर आपके जमीन दस्तावेज में गलती है, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते सुधार कराना भविष्य की कानूनी और आर्थिक परेशानियों से बचा सकता है।
जमीन का रिकॉर्ड साफ है, तो नींद भी चैन की आती है—वरना खेसरा नंबर सपनों में भी पीछा करता है!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Bihar Parimarjan क्या है?
यह जमीन रिकॉर्ड में हुई त्रुटि को सुधारने की आधिकारिक प्रक्रिया है।
2. क्या परिमार्जन ऑनलाइन किया जा सकता है?
Yes अब यह प्रक्रिया बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन संचालित की जाती है।
3. परिमार्जन और दाखिल-खारिज एक ही हैं?
नहीं। परिमार्जन सुधार है, जबकि दाखिल-खारिज स्वामित्व परिवर्तन है।
4. आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?
आप आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन संख्या से स्टेटस देख सकते हैं।
स्रोत
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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार – आधिकारिक पोर्टल
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बिहार सरकार द्वारा जारी ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड दिशा-निर्देश
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अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखिए।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। नियम और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित सरकारी कार्यालय से पुष्टि अवश्य करें।